इमरान का विजन पसंद है, मित्रवत पड़ोसी हो सकते हैं भारत-पाक

एक कप्तान के रूप में आसिफ इकबाल को युवा इमरान खान की प्रतिबद्धता पसंद थी और अब उन्हें विश्वास है कि पाकिस्तान का वर्तमान प्रधानमंत्री भारत के साथ सभी स्तरों पर द्बिपक्षीय संबंध सुधारने के लिये निश्चित तौर पर अपना योगदान देंगे।

Pakistan PM

इमरान ने इकबाल की कप्तानी में काफी क्रिकेट खेली है और इस 76 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर ने देखा है कि कैसे अपने जमाने का यह दिग्गज आलराउंडर अपने लक्ष्य हासिल करता है। उनका मानना है कि भले ही अब इमरान देश का नेतृत्व कर रहे हैं लेकिन अभी बहुत कुछ नहीं बदला है।

कई दशकों से लंदन में रह रहे इकबाल ने पीटीआई से साक्षात्कार में कहा कि अगर वह किसी चीज में विश्वास करते हैं तो वह उसे हासिल करने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उनका मानना है कि भारत और पाकिस्तान मित्रवत पड़ोसी की तरह रह सकते हैं। मुझे लगता है कि वह अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे और शांति के लिये कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।

न सिर्फ क्रिकेटर के रूप में बल्कि पाकिस्तानी के तौर पर वह जो कहते हैं हमें उस पर विश्वास है। पाकिस्तान की तरफ से 58 टेस्ट मैच खेलने वाले इकबाल ने कहा कि वे पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और पाकिस्तान यही चाहता है -क्षेत्र में आर्थिक समृद्धि और स्थिरता। मैं टिप्पणी करने का हकदार नहीं हूं क्योंकि मैं नहीं जानता। यह सब मीडिया कहता है।

इकबाल का 1980 में उनके विदाई टेस्ट मैच में ईडन गार्डन्स में दर्शकों ने खड़े होकर अभिवादन किया था लेकिन उन्हें निराशा है कि किस तरह से बाहरी तत्व भारत-पाकिस्तान के अच्छे क्रिकेटिया रिश्तों पर हावी हो गए। उन्होंने कहा कि समय बदल गया है लेकिन इसका खेल या खास तौर पर क्रिकेटरों से कोई लेना देना नहीं है। इसका सारा लेना देना राजनीति से है।

मैं पूरी तरह से निराश हूं। इसका (तनावपूर्ण संबंधों) कारण हमारे राजनीतिज्ञ हैं जिनकी खेलों में कोई दिलचस्पी नहीं है। इकबाल ने भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को होने वाले मैच से पूर्व कहा कि सौभाग्य से अब हमारे पास इमरान खान के रूप में प्रधानमंत्री है जिन्होंने द्बेषभाव पर अंकुश लगाने के इरादे जतलाये हैं। यह शानदार है।

उन्होंने हालांकि विस्तार से नहीं बताया कि इमरान की किन नीतिगत फैसलों से द्बेषभाव पर अंकुश लगाने का पता चलता है जो कि पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद बढ़ गया है। इकबाल ने कहा कि द्बिपक्षीय क्रिकेट से संबंधों में बदलाव आ सकता है।

उन्होंने कहा कि जब वे नियमित तौर पर द्बिपक्षीय श्रृंखला खेलना शुरू करते हैं तो आप खिलाड़ियों और प्रशंसकों का एकदम से भिन्न रवैया देखोगे। वे क्रिकेट को एक खेल, एक स्वथ प्रतिद्बंद्बिता के रूप में देखना पसंद करते हैं ना कि ऐसी प्रतिद्बंद्बिता जिसमें हम एक दूसरे को मारने पर उतारू हों। इकबाल ने कहा कि आप मैदान पर जी जान लगा दो लेकिन मैदान से बाहर अच्छा समय बिताओ।

Source: DailyHunt

Sanket Kharat

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